कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 की जंग की बिसात बिछ चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल के पिछले 15 साल भ्रष्टाचार, डर और घुसपैठ की भेंट चढ़ चुके हैं, जिसे अब बदलने का समय आ गया है।
कार्यकर्ताओं को दिया ‘जीत का मंत्र’
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत होने का निर्देश देते हुए कहा कि जीत का रास्ता जनता के दिलों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “हमें केवल चुनाव नहीं जीतना है, बल्कि बंगाल की खोई हुई गरिमा और संस्कृति को वापस लाना है। हर बूथ पर जाकर लोगों को यह बताएं कि कैसे केंद्र की योजनाओं को राज्य सरकार रोक रही है।”
भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर तीखा हमला
ममता सरकार पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में घुसपैठ एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जो बंगाल की जनसांख्यिकी को बदल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए ममता बनर्जी सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “त्रिपुरा और असम में घुसपैठ रुक सकती है, तो बंगाल में क्यों नहीं? क्योंकि यहाँ सरकार ही उन्हें बुलाती है।”
“अप्रैल 2026 के बाद भाजपा का सूर्योदय”
शाह ने दावा किया कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने हालिया भ्रष्टाचार के मामलों और ED की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि TMC के नेता करोड़ों के घोटाले में फंसे हैं और जनता सब देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे अत्याचारों का हिसाब आने वाले चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से लिया जाएगा।
ममता का पलटवार
अमित शाह के बयानों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की सरकार बंगाल को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन बंगाल की जनता कभी नहीं झुकेगी।
