बांग्लादेश चुनाव से पहले खूनी संघर्ष: ढाका में BNP और जमात कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, कई घायल, इलाके में तनाव – NewsKranti

बांग्लादेश चुनाव से पहले खूनी संघर्ष: ढाका में BNP और जमात कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, कई घायल, इलाके में तनाव

बांग्लादेश में नई सरकार चुनने के लिए होने वाले मतदान से पहले विपक्षी दलों में ही रार छिड़ गई है। मंगलवार को ढाका के मीरपुर में चुनाव प्रचार के दौरान बीएनपी और जमात कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • बांग्लादेश में 12 फरवरी को होगा मतदान, चुनाव प्रचार के दौरान भड़की हिंसा।
  • ढाका के मीरपुर में BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच खूनी संघर्ष।
  • जमात कार्यकर्ताओं पर जबरन डेटा (NID/Mobile No) जुटाने का आरोप।
  • कुमिला में राजनीतिक कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी।
  • शेख हसीना के हटने के बाद विपक्षी एकता पूरी तरह बिखरी।

ढाका:

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां हिंसा में तब्दील हो गई हैं। राजधानी ढाका का मीरपुर इलाका मंगलवार को उस समय रणक्षेत्र बन गया, जब देश की दो प्रमुख पार्टियों—बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन जमात-ए-इस्लामी—के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई समर्थक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

प्रचार को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता मीरपुर की ‘हेवन टावर’ नामक बहुमंजिला इमारत में घुसकर प्रचार कर रहे थे। बीएनपी समर्थकों ने उन्हें यह कहकर रोका कि आधिकारिक चुनाव प्रचार की अनुमति अभी शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमात कार्यकर्ता घरों में घुसकर लोगों से उनके मोबाइल नंबर और राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) मांग रहे थे, जिसका बीएनपी ने कड़ा विरोध किया।

मस्जिद के बाहर तब्दील हुआ बवाल

शुरुआती बहस के बाद स्थिति शांत होती दिखी, लेकिन कुछ ही देर बाद मुबारक मस्जिद के बाहर दोनों गुट फिर से आमने-सामने आ गए। जमात के करीब 150 कार्यकर्ताओं ने बीएनपी समर्थकों को घेर लिया, जिसके जवाब में बीएनपी के सैकड़ों कार्यकर्ता जमा हो गए। बीएनपी नेताओं का दावा है कि उनके 6 कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर है।

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कुमिला में भी आगजनी और तोड़फोड़

हिंसा की लपटें केवल ढाका तक सीमित नहीं रहीं। कुमिला जिले के चौदग्राम में भी बीएनपी और जमात समर्थकों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। यहां बीएनपी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जिसके बदले में जमात के कार्यालयों और दुकानों में आग लगा दी गई।

बदला राजनीतिक समीकरण

विशेषज्ञों का कहना है कि जो पार्टियां कभी शेख हसीना की सरकार गिराने के लिए मुहम्मद यूनुस के साथ खड़ी थीं, वे अब सत्ता के लालच में एक-दूसरे की जानी-दुश्मन बन गई हैं। चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले ही इस स्तर की हिंसा ने आने वाले हफ्तों में और अधिक तनाव के संकेत दिए हैं।

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