नई दिल्ली |
संसद के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है और पूरा देश आज पेश होने वाले ‘आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26’ का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज दोपहर में इसे लोकसभा के पटल पर रखेंगी। यह दस्तावेज 1 फरवरी को पेश होने वाले मुख्य बजट की नींव माना जाता है, क्योंकि इसमें पिछले एक साल का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड और आने वाले समय के लिए भविष्यवाणियां शामिल होती हैं।
क्या है इस बार के आर्थिक सर्वे में खास?
इस साल का आर्थिक सर्वे बेहद खास माना जा रहा है। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियों में बदलाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था किस गति से आगे बढ़ेगी, इसका खाका आज सामने आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वेक्षण में ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए मध्यम और दीर्घकालिक सुधारों पर जोर दिया जा सकता है।
महंगाई और रोजगार: सबसे बड़ी चुनौती
आम आदमी की नजर इस बात पर है कि सरकार महंगाई को काबू में करने के लिए क्या रणनीति पेश करती है। आर्थिक सर्वे में खाद्य कीमतों, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि और रोजगार सृजन की स्थिति पर विस्तृत डेटा साझा किया जाएगा। साथ ही, निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की जाएगी।
विपक्ष की घेराबंदी और हंगामे के आसार
बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद आज विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विदेश नीति, पर्यावरण और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सदन में हंगामे के आसार हैं। हालांकि, सरकार का मुख्य ध्यान आर्थिक सर्वे के माध्यम से देश के मजबूत आर्थिक आधार को पेश करने पर रहेगा।
रिकॉर्ड 9वीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
बता दें कि 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी। आज का आर्थिक सर्वेक्षण यह संकेत देगा कि क्या आगामी बजट ‘लोकलुभावन’ होगा या फिर ‘कठोर सुधारों’ वाला।
