पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (चंदौली):
उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे ने एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिसंबर और जनवरी के शुरुआती हफ्तों की तरह ही अब जनवरी के अंत में कोहरे और शीतलहर के ‘डबल अटैक’ से आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। इसका सबसे बड़ा असर भारतीय रेलवे पर पड़ा है, जहाँ समय की पाबंद मानी जाने वाली वंदे भारत, राजधानी और तेजस जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों की रफ्तार पर भी कोहरे ने ब्रेक लगा दिया है।
वीआईपी ट्रेनों का बुरा हाल: यात्रियों का धैर्य जवाब दे रहा
दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आज सुबह का नजारा काफी चिंताजनक रहा। कोहरे की घनी चादर के कारण दृश्यता शून्य के करीब पहुँच गई, जिससे लोको पायलटों को ट्रेनों को रेंगने पर मजबूर होना पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 11.30 घंटे की देरी से चल रही है। वहीं, आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी कोहरे के आगे बेबस नजर आईं। प्लेटफार्मों पर भीषण ठंड के बीच यात्री अपने परिजनों के साथ घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
देरी से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों की सूची:
कोहरे के कारण उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी (12306): 11:30 घंटे लेट
- नई दिल्ली-सियालदह राजधानी (12314): 11 घंटे लेट
- नई दिल्ली-राजेंद्र नगर तेजस राजधानी (12310): 09 घंटे लेट
- नई दिल्ली-राजेंद्र नगर अमृत भारत एक्सप्रेस (22362): 07 घंटे लेट
- आनंद विहार-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12802): 06:30 घंटे लेट
- बीकानेर-सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस (12260): 06 घंटे लेट
- संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस (13394): 06 घंटे लेट
- पटना-गोमती नगर वंदे भारत (22345): 01 घंटा लेट
मौसम विभाग का अलर्ट: अभी और सताएगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘घने से बहुत घने कोहरे’ की स्थिति बनी रहेगी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में शीतलहर के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन निकलने से पहले 139 पर कॉल कर या रेल मदद ऐप के जरिए अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति जरूर जांच लें।
स्टेशनों पर बढ़ी भीड़, चाय-नाश्ते के सहारे कट रही रात
ट्रेनों की लंबी देरी के कारण जंक्शनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई है। वेटिंग हॉल खचाखच भरे हुए हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सफर किसी सजा से कम नहीं साबित हो रहा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पूछताछ काउंटर और सहायता केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं।
