कानपुर। ठगों द्वारा धनतेरस की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर ज्वैलर्स के साथ टप्पेबाजी करने वाले गिरोह को पुलिस ने धर दबोचा है। धनतेरस के मौके पर पीपीएन मार्केट स्थित बैजनाथ ज्वैलर्स में 15 किलो नकली चांदी बेचने के बाद उन्हीं रुपयों से असली सोना खरीदकर करीब 23 लाख रुपये की ठगी कर ली।
सर्राफ ने चांदी चेक कराई तो उसमें रांगा निकला। पीड़ित सर्राफ की तहरीर पर कर्नलगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। घटना के राजफाश में जुटी सर्विलांस, क्राइम ब्रांच टीम ने करीब 300 आपरेशन त्रिनेत्र कैमरे खंगालने के बाद पांच अंतरराज्जीय ठगों को गिरफ्तार कर 12.500 किलो नकली चांदी और 17.75 ग्राम सोना बरामद किया। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि गैंग का सरगना दो साथियों के साथ फरार हो गया, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत कुमार चौधरी ने बताया कि पीपीएन मार्केट परेड स्थित बैजनाथ ज्वैलर्स में धनतेरस के दिन दो अंतररज्जीय ठग चांदी बेचने पहुंचे। उन्होंने 15 किलो चांदी बेची और इसके बदले सोना खरीद लिया। व्यस्तता के चलते अगले दिन जब चांदी की जांच की गई तो होश उड़ गए। रांगे पर ठगों ने चांदी की पालिश की थी। मालिक दिलीप अग्रवाल ने पुलिस से शिकायत की और दो नवंबर को कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद डीसीपी सेंट्रल ने राजफाश के लिए साइबर सेल, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच को लगाया।
चित्रकूट में थी ज्वैलर्स को ठगने की योजना
कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि ठगों की चित्रकूट के राजापुर में भी ज्वैलर्स को ठगने की तैयारी थी। उन्होंने उसे असली चांदी के टुकड़े का सैंपल दिखाया तो बात पक्की कर ली। इसी बीच ज्वैलर्स के किसी रिश्तेदार का निधन हो गया तो उसने दुकान बंद कर दी और 12 नवंबर के बाद आने को कहा। इससे पहले सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया वरना चित्रकूट का सर्राफ भी ठगी का शिकार हो जाता। @dev
