IIT कानपुर को मिली ₹11 करोड़ की गुरू दक्षिणा – NewsKranti

IIT कानपुर को मिली ₹11 करोड़ की गुरू दक्षिणा

IIT कानपुर के 1986 बैच ने कैंपस के बुनियादी ढांचे, छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। कैंपस में बनेगा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र और नया ऑडिटोरियम; दुनिया भर से जुटे पूर्व छात्रों ने अपनी मातृसंस्था के प्रति जताया आभार

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कानपुर, 21 दिसंबर 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के 1986 बैच ने अपनी सुनहरी यादों को संजोते हुए संस्थान के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया है। अपनी स्नातक की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘पुनर्मिलन समारोह’ (Reunion) के दौरान, इस बैच ने संस्थान के विकास के लिए ₹11 करोड़ की सामूहिक वित्तीय प्रतिबद्धता की घोषणा की है। यह राशि कैंपस में तीन प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और छात्र कल्याण कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी।

तीन प्रमुख ‘विरासत परियोजनाओं’ पर होगा निवेश

18 से 21 दिसंबर तक चले इस चार दिवसीय समारोह में 1986 बैच के पूर्व छात्रों ने विचार-विमर्श के बाद तीन ऐसी परियोजनाओं का चयन किया, जो सीधे तौर पर छात्रों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगी:

  1. SAC एक्सटेंशन ऑडिटोरियम: सांस्कृतिक गतिविधियों और बड़े आयोजनों के लिए एक आधुनिक सभागार।
  2. मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक मजबूती के लिए एक विशेष केंद्र।
  3. नए छात्रावास में टावर का निर्माण: बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए आवासीय सुविधाओं का विस्तार।

(Key Highlights)

  • दान राशि: ₹11 करोड़ (बैच का सामूहिक योगदान)।
  • अवसर: स्नातक की 40वीं वर्षगांठ (1986 बैच)।
  • उद्देश्य: कैंपस बुनियादी ढांचा, मानसिक स्वास्थ्य और छात्र कल्याण।
  • सहभागी: दुनिया भर से आए सैकड़ों पूर्व छात्र।

संस्थान के गौरव और पूर्व छात्रों की भावनात्मक गूंज

IIT कानपुर के निदेशक और स्वयं इसी बैच के सदस्य प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने इस पहल पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह केवल धन का योगदान नहीं है, बल्कि उस जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना का प्रतीक है जिसे एक छात्र IIT कानपुर से लेकर निकलता है। मुझे खुशी है कि मेरे सहपाठियों ने छात्रों के मानसिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए हाथ मिलाया है।”

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संस्थान के डीन (संसाधन एवं पूर्व छात्र) प्रो. अमेय करकरे ने योगदान की सराहना करते हुए इसे ‘पूर्व छात्र नेतृत्व’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे उपहार संस्थान और पूर्व छात्रों के बीच के संबंधों को और गहरा करते हैं।

बैच समन्वयक श्री अजीत दास ने अपनी बात रखते हुए कहा, “हम अपनी मातृसंस्था को कुछ ऐसा देना चाहते थे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी मूल्य पैदा करे। ये परियोजनाएं हमारी सामूहिक कृतज्ञता का हिस्सा हैं।”

शिक्षा और नवाचार का केंद्र: IIT कानपुर

1959 में स्थापित IIT कानपुर वर्तमान में 1,050 एकड़ में फैला हुआ है। संस्थान में 9,500 से अधिक छात्र और 570 से अधिक फैकल्टी सदस्य हैं। यह योगदान संस्थान की उस विकास यात्रा को और गति देगा, जिसमें वह वैश्विक नवाचार और इंजीनियरिंग शिक्षा में अग्रणी बना हुआ है।

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