पुणे, महाराष्ट्र: अपराध की दुनिया में भले ही गुनहगार खुद को कितना भी शातिर समझे, लेकिन कानून के हाथ अंततः उसके गिरेबान तक पहुँच ही जाते हैं। पुणे के गंज पेठ इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या को ‘घरेलू दुर्घटना’ का रूप देने की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की थी, लेकिन मेडिकल साइंस और पुलिस की सतर्कता ने उसकी इस खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना 28 जनवरी की है। आरोपी तुषार उर्फ गणेश विलास तुपसौंदर्य (28), जो पेशे से एक ऑटो चालक है, का अपनी 23 वर्षीय पत्नी वैष्णवी के साथ अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस के अनुसार, उस दिन दोपहर करीब 2:30 बजे तुषार शराब के नशे में घर पहुँचा और वैष्णवी के साथ उसका विवाद हो गया। गुस्से में पागल होकर तुषार ने किसी भारी वस्तु से वैष्णवी के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।
साजिश: ‘मर्डर’ को ‘एक्सीडेंट’ बनाने का खेल
वारदात के बाद तुषार ने घबराने के बजाय अपनी साजिश पर काम शुरू किया। उसने वैष्णवी को ससून जनरल अस्पताल में भर्ती कराया और डॉक्टरों को बताया कि वह घर पर फिसलकर गिर गई थी, जिससे उसके सिर में चोट आई। इलाज के दौरान 2 फरवरी को वैष्णवी की मौत हो गई।
लेकिन खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। जब तुषार अस्पताल में था, उसके दो रिश्तेदारों—मनोज रोहिदास कांबले (39) और उसकी पत्नी वनिता कांबले (32) ने घर के फर्श पर फैले खून के धब्बों को पानी से धोकर साफ कर दिया ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके।
कैसे हुआ खुलासे का ‘पोस्टमार्टम’?
पुलिस को शुरुआती शक तब हुआ जब ससून अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वैष्णवी के सिर, कान और आँखों के पास जो चोटें थीं, वे केवल फिसलकर गिरने से नहीं आ सकती थीं। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत किसी कठोर वस्तु से सिर पर किए गए घातक हमले के कारण हुई है।
जागरूक पड़ोसियों ने दी गवाही
खड़क पुलिस स्टेशन की टीम जब जाँच के लिए इलाके में पहुँची, तो स्थानीय महिलाओं ने एक अहम राज खोला। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने मनोज और वनिता को घर से खून साफ करते हुए देखा था। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि उस दिन घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।
पुलिस की कार्रवाई
खड़क पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक शशिकांत चव्हाण ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने तुषार तुपसौंदर्य के खिलाफ हत्या (धारा 103-1) और सबूत मिटाने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, उसकी मदद करने वाले दोनों रिश्तेदारों को भी जेल भेज दिया गया है।
