मुख्य बिंदु :
- महत्वपूर्ण नियुक्ति: सांसद रमेश अवस्थी को छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया।
- तिथि: 24 से 26 जनवरी, 2026 तक तीन दिवसीय भव्य आयोजन।
- मुख्य कार्यक्रम: राष्ट्र प्रेरणा स्थल, लखनऊ और लोक भवन में मुख्य आयोजन।
- थीम: “विकसित उत्तर प्रदेश – विकसित भारत”।
- प्रोटोकॉल: अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश।
- देशव्यापी विस्तार: दिल्ली के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बनाया गया प्रतिनिधि।
कानपुर| उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास की गाथा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस-2026’ की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। इस वर्ष के आयोजनों को विशेष रूप से भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए प्रतिनिधियों की सूची जारी की है। इस सूची में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी को उनकी कार्यकुशलता और सांगठनिक क्षमता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।
सांसद रमेश अवस्थी को मिली छत्तीसगढ़ की कमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक पत्र के अनुसार, सांसद रमेश अवस्थी 24 जनवरी को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से आने वाले प्रतिनिधिमंडल की अगवानी करेंगे और समन्वय स्थापित करेंगे। छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के लिए रमेश अवस्थी का चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस खबर के मिलते ही कानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सांसद अवस्थी की सक्रियता का ही परिणाम है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर के इस समन्वय कार्य के लिए चुना गया है।
केशव मौर्य को दिल्ली और अन्य दिग्गजों को भी मिली जिम्मेदारी
यूपी दिवस की रणनीतिक तैयारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की राजधानी दिल्ली (दिल्ली-उत्तर प्रदेश) के प्रतिनिधि के रूप में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को नामित किया गया है। इसी प्रकार अन्य राज्यों के लिए भी विशिष्ट प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई है, ताकि प्रत्येक राज्य से आने वाले प्रतिनिधिमंडल को ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा के अनुसार उत्तर प्रदेश की प्रगति का दर्शन कराया जा सके।
तीन दिवसीय उत्सव: लखनऊ से लेकर सात समंदर पार तक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना के अनुसार, वर्ष 2026 का ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा। यह 24 से 26 जनवरी तक तीन दिनों तक मनाया जाएगा।
- राष्ट्र प्रेरणा स्थल (लखनऊ): यहाँ मुख्य सांस्कृतिक और विकास प्रदर्शनियाँ आयोजित होंगी।
- नोएडा शिल्पग्राम: दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यूपी की हस्तकला का बड़ा केंद्र बनेगा।
- वैश्विक आयोजन: विदेशों में जहाँ उत्तर प्रदेश के प्रवासी रहते हैं, वहाँ भी विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘विकसित यूपी–विकसित भारत’ की दिखेगी झलक
इस वर्ष के आयोजनों का मुख्य केंद्र ‘विकसित यूपी–विकसित भारत’ की थीम होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों में केवल भाषण नहीं, बल्कि कला का संगम होना चाहिए। इसमें शास्त्रीय और लोक गायन, वादन, नृत्य और नाट्य प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश के महापुरुषों के योगदान को समर्पित विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएंगी।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह आयोजन प्रदेश की आर्थिक सामर्थ्य और निवेश के बढ़ते अवसरों को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
