कानपुर। धर्म और आस्था की नगरी कानपुर में मां गंगा की महिमा का गुणगान करने के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अखिल भारतीय मठ मंदिर समन्वय समिति एवं मां गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में सिद्धनाथ घाट पर आगामी 25 दिसंबर को भव्य गंगा पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की विस्तृत जानकारी देने हेतु पंडित उपवन, कैंट में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
51 आचार्यों का सानिध्य और 101 लीटर पंचामृत से अभिषेक
समिति के बाल योगी अरुण चैतन्यपुरी महाराज ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि आयोजन की दिव्यता का केंद्र मां गंगा का विशेष महा अभिषेक होगा। उन्होंने कहा, “51 वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का 101 लीटर दूध, दही, घी, शहद एवं चंदन (पंचामृत) से अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान मां गंगा के 1008 नामों का जाप करते हुए विशेष द्रव्य अर्पित किए जाएंगे।”
1100 मीटर लंबी चुनरी और संतों का जमावड़ा
इस धार्मिक अनुष्ठान की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मां गंगा को 1100 मीटर लंबी चुनरी समर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में सहभागिता के लिए समिति द्वारा 21,000 से अधिक आमंत्रण पत्र वितरित किए गए हैं। आयोजन में अयोध्या धाम सहित देश के विभिन्न कोनों से विख्यात संत-महंत, प्रखर कथा वाचक और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
भंडारा और सांस्कृतिक संध्या
श्रद्धालुओं की सुविधा और उत्साह के लिए कार्यक्रम के दिन:
- दोपहर 12 बजे से: विशाल भंडारे का शुभारंभ होगा, जिसमें हज़ारों भक्तों को प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा।
- शाम 4 बजे से: विशिष्ट कलाकारों द्वारा मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी, जो गंगा की महिमा और भारतीय संस्कृति पर आधारित होंगे।
महाराज ने अंत में आह्वान किया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गंगा की अविरलता और संरक्षण के प्रति जागरूकता का संकल्प है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- स्थान: सिद्धनाथ घाट, जाजमऊ, कानपुर।
- मुख्य आयोजक: बाल योगी अरुण चैतन्यपुरी महाराज।
- अभिषेक सामग्री: 101 लीटर दूध, दही, घी, शहद और चंदन।
- विशेष आकर्षण: 1100 मीटर लंबी चुनरी का अर्पण।
- सहभागिता: 51 वैदिक आचार्य और 21,000 आमंत्रित अतिथि।
