नई दिल्ली भारत में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले तीन महीने बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। देश की दो सबसे बड़ी विमानन कंपनियों, एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo) ने अपने घरेलू नेटवर्क पर उड़ानों की संख्या को घटाने (Flight Operations Cut) का एक बड़ा और अप्रत्याशित फैसला लिया है। यह कटौती आगामी 1 जून 2026 से प्रभावी होगी और अगले 90 दिनों तक जारी रहेगी। एयरलाइंस के इस फैसले से मुख्य रूप से महानगरों और व्यस्त रूट्स पर यात्रा करने वाले लोगों को ऐन वक्त पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
एविएशन सेक्टर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस कटौती के पीछे दो मुख्य कारण हैं—पहला, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में आ रही रिकॉर्ड बढ़ोतरी और दूसरा, गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacations) के बाद घरेलू बाजार में हवाई यात्रियों की मांग में आई अचानक गिरावट।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता और पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत में विमान ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। वर्तमान में कई प्रमुख शहरों में ATF की कीमत ₹1,00000 प्रति किलोलीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है, जो पहले लगभग ₹80,000 के आसपास हुआ करती थी। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) की दरों में असमानता के कारण एयरलाइंस पर परिचालन लागत (Operating Cost) का भारी दबाव बन गया है। यही वजह है कि कम यात्री भार (Low Passenger Load) वाले रूट्स पर उड़ानों का संचालन करना अब कंपनियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
किस एयरलाइन ने कितनी कटौती की?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया (Air India) अपनी घरेलू उड़ानों की संख्या में सबसे बड़ी कटौती करने जा रही है। कंपनी अपने कुल घरेलू ऑपरेशन्स में लगभग 15% की कमी करेगी। वहीं, देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने भी अपने नेटवर्क को संतुलित करने के लिए उड़ानों में 5% से 7% तक की कटौती करने की तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, दोनों ही कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रूट को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि केवल उड़ानों की फ्रिक्वेंसी (संख्या) को कम किया जा रहा है।
दिल्ली, मुंबई सहित ये रूट्स होंगे प्रभावित
इस फैसले का सीधा असर देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों और कनेक्टिंग रूट्स पर देखने को मिलेगा।
- मुंबई एयरपोर्ट से: मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या कम हो जाएगी।
- दिल्ली एयरपोर्ट से: दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों के लिए उड़ानों के फेरे घटाए जाएंगे।
- दक्षिण भारत: दक्षिण भारत के भी कई महत्वपूर्ण आंतरिक रूट्स पर इस कटौती का आंशिक असर देखने को मिल सकता है।
यात्रियों को आखिरी समय पर होने वाली असुविधा से बचाने के लिए एयरलाइंस ने प्रभावित होने वाली उड़ानों को अपनी बुकिंग वेबसाइटों से पहले ही हटाना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों की राय और आम जनता पर असर
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल जून के महीने में स्कूल और कॉलेज खुलने के बाद घरेलू पर्यटन में सुस्ती आती है, जिससे मांग कम होना स्वाभाविक है। लेकिन इस बार ईंधन की ऐतिहासिक कीमतों ने स्थिति को और अधिक बिगाड़ दिया है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में चल रही कटौती का असर भी घरेलू कनेक्टिंग यात्रियों पर पड़ा है। जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले हफ्तों में विमान ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली, तो एयरलाइंस उड़ानों की संख्या कम करने के साथ-साथ हवाई टिकटों के दामों में भी बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
