कानपुर में दिनेश शर्मा की बांग्लादेश को कड़ी चेतावनी, बोले– 99 गालियां सहने के बाद भारत उठाता है सुदर्शन चक्र - NewsKranti

कानपुर में दिनेश शर्मा की बांग्लादेश को कड़ी चेतावनी, बोले– 99 गालियां सहने के बाद भारत उठाता है सुदर्शन चक्र

कानपुर में आयोजित वीर बाल दिवस कार्यक्रम में दिनेश शर्मा ने बांग्लादेश को हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की चेतावनी दी और भाजपा में जातीय गुटबाजी की खबरों को सिरे से खारिज किया।

Saniya Soni
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ख़बर एक नज़र में :
  • कानपुर में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में पहुंचे दिनेश शर्मा
  • बांग्लादेश को हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की चेतावनी
  • सुदर्शन चक्र का उदाहरण देकर दिया कड़ा संदेश
  • भाजपा में जातीय गुटबाजी की खबरों को नकारा
  • गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान को किया याद

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने शनिवार को कानपुर में बांग्लादेश को लेकर सख्त चेतावनी दी। गोविंद नगर स्थित श्रीमुनि इंटर कॉलेज में आयोजित वीर बाल दिवस शहीदी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे दिनेश शर्मा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया।

दिनेश शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश अपनी अंतिम सीमा पार कर रहा है। यह भारत है, जहां श्रीकृष्ण ने 99 गालियां सहने के बाद सुदर्शन चक्र उठाया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांग्लादेश यह भ्रम न पाले कि हिंदुओं पर अत्याचार कर भारत को चुनौती दी जा सकती है। भारत हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और राजनयिक स्तर पर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पहले ही ऑपरेशन हो चुका है और भारत अपनी सुरक्षा व सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

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भाजपा में जातीय गुटबाजी को लेकर उठे सवालों पर दिनेश शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में न कोई जाति है, न धर्म और न ही क्षेत्र। पार्टी की पहचान “जी” संस्कृति से है। उन्होंने विधायक महेश त्रिवेदी और क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी में सभी कार्यकर्ता केवल “जी” हैं।

एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले इसका विरोध कर रहे थे, अब वही लोग स्टॉल लगाकर फॉर्म भरवा रहे हैं। यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे विपक्ष को परेशानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए और उनका त्याग सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

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