देहरादून/अगरतला: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पढ़ाई कर रही त्रिपुरा की छात्रा एंजेल चकमा की मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ग्राफिक एरा अस्पताल (Graphic Era Hospital) की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से संकेत दिया गया है कि एंजेल की मौत किसी दुर्घटना या बीमारी से नहीं, बल्कि एक “हिंसक हमले” (Violent Assault) के कारण हुई थी।
क्या कहती है मेडिकल रिपोर्ट?
अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के शरीर पर बाहरी और आंतरिक चोटों के कई निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट में ‘ब्लंट फोर्स ट्रॉमा’ (Blunt Force Trauma) का जिक्र किया गया है, जो आमतौर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार या शारीरिक हमले की स्थिति में होता है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद एंजेल के परिवार और त्रिपुरा के छात्र संगठनों के दावों को बल मिला है, जो पहले दिन से इसे हत्या का मामला बता रहे थे।
सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार
एंजेल चकमा की मौत के बाद से ही सोशल मीडिया पर #JusticeForAngelChakma ट्रेंड कर रहा है। त्रिपुरा और देहरादून के छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार से संपर्क साधा है।
पुलिस की जांच और दबाव
देहरादून पुलिस ने शुरू में इसे संदिग्ध मौत के तौर पर दर्ज किया था, लेकिन अस्पताल की इस सनसनीखेज रिपोर्ट के बाद पुलिस पर जांच का दायरा बढ़ाने का भारी दबाव है। बताया जा रहा है कि पुलिस अब छात्रा के दोस्तों और घटना के समय आसपास मौजूद लोगों के बयान नए सिरे से दर्ज कर रही है।
Key Points (मुख्य बिंदु)
- मेडिकल रिपोर्ट का खुलासा: ग्राफिक एरा अस्पताल ने ‘हिंसक हमले’ (Violent Assault) की बात कही।
- मृतक की पहचान: एंजेल चकमा, उम्र 20 वर्ष, मूल निवासी त्रिपुरा।
- चोटों के निशान: शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें और आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि।
- विरोध प्रदर्शन: त्रिपुरा और उत्तराखंड में छात्रों द्वारा इंसाफ की मांग को लेकर प्रदर्शन।
- जांच की मांग: उच्च स्तरीय जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग।
