नई दिल्ली |
भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक पटल पर अपनी रफ्तार से सबको चौंका दिया है। एसबीआई रिसर्च की हालिया रिपोर्ट ‘इकोव्रैप’ के मुताबिक, भारत वर्ष 2030 तक ‘अपर मिडिल इनकम’ (उच्च-मध्यम आय) वाले देशों के क्लब में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्तमान में इस श्रेणी में चीन और इंडोनेशिया जैसे बड़े देश शामिल हैं।
आर्थिक रफ्तार के बदलते आयाम
रिपोर्ट के अनुसार, भारत को अपनी पहली 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 साल का लंबा समय लगा था। लेकिन इसके बाद की वृद्धि अविश्वसनीय रही। देश ने 2014 में (महज 7 साल में) 2 ट्रिलियन डॉलर का पड़ाव पार किया। इसके बाद 2021 में 3 ट्रिलियन और 2025 में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का गौरव हासिल किया।
प्रति व्यक्ति आय में जबरदस्त उछाल
एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने बताया कि भारत की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) जो 2009 में 1,000 डॉलर थी, वह 2019 में 2,000 डॉलर तक पहुंची। अनुमान है कि 2026 तक यह 3,000 डॉलर और 2030 तक 4,000 डॉलर को पार कर जाएगी।
विकसित भारत @2047 का लक्ष्य
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भारत को 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र’ बनना है, तो उसे अपनी प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय को सालाना 7.5% की दर से बढ़ाना होगा। पिछले 23 वर्षों में भारत ने 8.3% की औसत वृद्धि दर्ज की है, जो इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
