मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर भीषण युद्ध की कगार पर खड़ा है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने शनिवार को ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर एक बड़ा ‘प्रिवेंटिव स्ट्राइक’ (निवारक हमला) करने की घोषणा की है। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा इजरायली नागरिकों पर किए जाने वाले एक बड़े हमले की खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई है।
सर्जिकल स्ट्राइक जैसा बड़ा एक्शन
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान के कई प्रांतों में स्थित सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स को निशाना बनाया है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि “यह हमला पूरी तरह से सुरक्षात्मक था और इसका उद्देश्य उन खतरों को खत्म करना था जो इजरायल की संप्रभुता को चुनौती देने की तैयारी कर रहे थे।” तेहरान और आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने कहा है कि इजरायल को इस “दुस्साहस” की भारी कीमत चुकानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब हिजबुल्लाह और हूतियों के जरिए इजरायल पर पलटवार कर सकता है, जिससे यह संघर्ष एक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
दुनिया की निगाहें और तेल संकट का डर
इजरायल के इस कदम के बाद वैश्विक बाजारों में खलबली मच गई है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल आने की आशंका है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से सप्लाई लाइन प्रभावित हो सकती है। अमेरिका ने स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की बात कही है, जबकि रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है।
