कैनबरा: कोरोना वायरस की कड़वी यादों के बीच वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने एक नया और बेहद गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अर्जेंटीना से रवाना हुए एक डच लक्जरी क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ (MV Hondius) पर फैले जानलेवा ‘हंतावायरस’ (Hantavirus Outbreak) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस खतरे को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने देश लौटे छह यात्रियों का क्वारंटाइन पीरियड दो सप्ताह से अधिक समय के लिए आगे बढ़ा दिया है। अब ये यात्री जून के अंत तक कड़ी निगरानी में रहेंगे।
गुरुवार को एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ऑस्ट्रेलिया के संघीय स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन छह लोगों (चार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, एक स्थायी निवासी और एक न्यूजीलैंड का नागरिक) को वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ के बाहरी इलाके बुल्सब्रुक में स्थित राष्ट्रीय पृथकवास केंद्र (National Resilience Facility) में रखा गया है। पहले इनका क्वारंटाइन 5 जून को खत्म होने वाला था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 जून कर दिया गया है ताकि वायरस का पूरा 42 दिनों का इनक्यूबेशन विंडो (लक्षण दिखने का समय) सुरक्षित रूप से कवर हो सके।
स्पेन और नीदरलैंड में नए मामले आने के बाद बढ़ा खतरा
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यह सख्त कदम उठाने की नौबत इसलिए आई क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्रूज यात्रा से जुड़े दो और नए मामले सामने आए हैं। नीदरलैंड में जहाज के एक क्रू मेंबर और स्पेन में एक अन्य यात्री की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद एमवी होंडियस क्रूज से जुड़े संक्रमितों की कुल संख्या 13 तक पहुंच गई है।
राहत की बात: ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में क्वारंटाइन में बंद सभी छह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी ताजा जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह पर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, क्योंकि इस वायरस के लक्षण काफी देरी से भी उभर सकते हैं।
क्यों सबसे ज्यादा खतरनाक है हंतावायरस का ‘एंडीज वेरिएंट’?
आम तौर पर हंतावायरस चूहों और अन्य कुतरने वाले जीवों (Rodents) के मलमूत्र, थूक या लार के संपर्क में आने से फैलता है। सामान्य हंतावायरस का इंसानों से इंसानों में फैलना बेहद दुर्लभ माना जाता है। लेकिन, एमवी होंडियस क्रूज पर जिस वायरस ने कोहराम मचाया है, वह हंतावायरस का सबसे खतरनाक ‘एंडीज वायरस’ (Andes Virus – ANDV) वेरिएंट है।
चिकित्सा वैज्ञानिकों के अनुसार, एंडीज वेरिएंट दुनिया का इकलौता ऐसा हंतावायरस है जो बेहद करीबी संपर्क में आने पर एक इंसान से दूसरे इंसान में और हवा के जरिए (Airborne) भी फैलने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि डब्ल्यूएचओ सहित दुनिया भर की सरकारें इसे लेकर बेहद सतर्क हैं। इस वायरस से संक्रमित होने पर मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होती है, जिसके बाद अचानक फेफड़ों में पानी भरने लगता है। इसे ‘हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम’ (HPS) कहा जाता है, जिसमें मृत्यु दर 35 से 40 प्रतिशत तक होती है।
क्रूज पर कैसे फैला मौत का जाल? डब्ल्यूएचओ की पैनी नजर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इस आउटब्रेक की शुरुआत अप्रैल 2026 की शुरुआत में हुई थी जब जहाज अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। रास्ते में कई यात्रियों को सांस की गंभीर बीमारी होने लगी। 2 मई तक इस वायरस के कारण 3 यात्रियों की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद जहाज को केप वर्डे और स्पेन के कैनरी द्वीप पर रोककर यात्रियों का रेस्क्यू किया गया।
फिलहाल प्रभावित लक्जरी जहाज एमवी होंडियस को नीदरलैंड के रॉटरडैम बंदरगाह पर पूरी तरह से खाली कराकर केमिकल सैनिटाइजेशन और डीप क्लीनिंग की प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है। दुनिया के लगभग 23 देशों के नागरिक इस क्रूज पर सवार थे, जिन्हें उनके वतन वापस भेजकर संबंधित सरकारों द्वारा कड़े आइसोलेशन में रखा गया है।
