कानपुर में भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को रावतपुर थाने में गजेंद्र सिंह नेगी, उसकी पत्नी और भाई के खिलाफ धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित का आरोप है कि नेगी ने मदद के नाम पर उससे लाखों रुपये ऐंठे और बाद में फर्जी जमीन दिखाकर धोखा दिया।
गड़रियनपुरवा विकास नगर निवासी रविकांत बाजपेई के अनुसार, गजेंद्र सिंह नेगी उनका पुराना परिचित है। कुछ वर्ष पहले नेगी ने अपनी जरूरत बताकर अपने खाते में 4.45 लाख रुपये, भाई शिवचरण सिंह नेगी के खाते में 4.11 लाख रुपये और पत्नी प्रीति बाजपेई के खाते में 4 लाख रुपये जमा करवाए।
वर्ष 2020 में कोविड काल के दौरान जब गजेंद्र सिंह नेगी एक अन्य मुकदमे में जेल गया, तब उसकी पत्नी ने पैरवी के नाम पर पीड़ित से 5 लाख रुपये और ले लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो पहले फ्लैट देने का आश्वासन दिया गया।
बाद में बगदौधी बांगर स्थित आराजी संख्या 555 की ढाई बीघा जमीन पीड़ित के नाम करने का झांसा दिया गया। जांच में सामने आया कि यह जमीन पहले से ही गुरु शरण कौर के नाम दर्ज है।
इंस्पेक्टर रावतपुर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि गजेंद्र सिंह नेगी पहले भी कई धोखाधड़ी मामलों में जेल जा चुका है।
