नई दिल्ली/अयोध्या:
देश में धार्मिक स्थलों की पवित्रता को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देशभर के सभी प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के निर्धारित दायरे में मांस और शराब की दुकानों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। यह मांग अयोध्या में हाल ही में लिए गए कड़े फैसलों के बाद सामने आई है।
अयोध्या मॉडल को राष्ट्रव्यापी बनाने पर जोर
सांसद ने अपने बयान में अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह राम नगरी में भव्य मंदिर के निर्माण के बाद वहां की पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाई गई है, ठीक वैसा ही नियम देश के हर कोने में लागू होना चाहिए। गौरतलब है कि अयोध्या में इस फैसले से दर्जनों दुकानें प्रभावित हुई हैं और क्षेत्र को ‘शाकाहारी क्षेत्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान
सांसद का तर्क है कि मंदिरों के पास इस तरह की दुकानों का होना करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाता है। श्रद्धालु दूर-दूर से पूरी पवित्रता के साथ दर्शन करने आते हैं, ऐसे में मंदिर के मुख्य मार्ग या आसपास के क्षेत्रों में मांस-मदिरा की मौजूदगी अनुचित है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए एक सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाना चाहिए।
विपक्ष और स्थानीय व्यापारियों की चिंताएं
जहां एक तरफ धार्मिक संगठन इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और स्थानीय व्यापारियों ने आजीविका को लेकर चिंता जताई है। आलोचकों का कहना है कि अचानक इस तरह के प्रतिबंध से छोटे दुकानदारों का रोजगार छिन सकता है और इसे लागू करने के लिए एक उचित विस्थापन नीति की आवश्यकता होगी।
