मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) की बहार के बीच एक और दिग्गज खिलाड़ी इनोविजन लिमिटेड (Innovision Limited) अपनी एंट्री के लिए तैयार है। मैनपावर सेवाओं, टोल प्लाजा मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट में देशव्यापी नेटवर्क रखने वाली इस कंपनी ने अपने पहले सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तारीखों और प्राइस बैंड का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
IPO की महत्वपूर्ण तारीखें और प्राइस बैंड
कंपनी ने निवेश के लिए जो खाका तैयार किया है, वह निवेशकों के लिए काफी आकर्षक नजर आ रहा है:
- आईपीओ खुलने की तारीख: मंगलवार, 10 मार्च 2026
- आईपीओ बंद होने की तारीख: गुरुवार, 12 मार्च 2026
- प्राइस बैंड: ₹521 से ₹548 प्रति इक्विटी शेयर
- लॉट साइज: न्यूनतम 27 शेयर (और उसके बाद 27 के गुणकों में)
- फेस वैल्यू: ₹10 प्रति शेयर
इश्यू का साइज और उद्देश्य
इनोविजन लिमिटेड इस आईपीओ के जरिए कुल ₹2,550 मिलियन (255 करोड़ रुपये) का फ्रेश इश्यू जारी करेगी। इसके अलावा, मौजूदा प्रमोटर्स और शेयरधारक 12,38,000 शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) लेकर आ रहे हैं। इस पूंजी का उपयोग कंपनी अपने विस्तार, कर्ज भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
इनोविजन लिमिटेड: बिज़नेस मॉडल जो इसे बनाता है खास
कंपनी का कारोबार केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई वर्टिकल्स में मजबूती से खड़ी है:
- मैनपावर और सुरक्षा सेवाएं: निजी सुरक्षा से शुरुआत करने वाली यह कंपनी आज इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट और पेरोल सेवाओं में अग्रणी है।
- टोल प्लाजा प्रबंधन: कंपनी NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के लिए टोल कलेक्शन और यूजर फी मैनेजमेंट का काम करती है। वित्त वर्ष 2019 से इस क्षेत्र में कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हुई है।
- स्किल डेवलपमेंट: हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और रिटेल जैसे 10 से अधिक क्षेत्रों में युवाओं को ट्रेनिंग देकर कंपनी सरकार के ‘कौशल भारत’ मिशन में बड़ी भूमिका निभा रही है।
- ड्रोन और इंटरनेशनल प्लेसमेंट: सहायक कंपनी ‘एयरोड्रोन रोबोटिक्स’ के जरिए यह रिमोट पायलट ट्रेनिंग देती है, जबकि ‘इनोविजन इंटरनेशनल’ के जरिए वीजा और विदेशी प्लेसमेंट सेवाएं प्रदान करती है।
बाजार में मौजूदगी
15 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इनोविजन का नेटवर्क 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला हुआ है। कंपनी का क्लाइंट बेस सरकारी विभागों से लेकर हेल्थकेयर, वेयरहाउसिंग और BFSI (बैंकिंग और फाइनेंस) सेक्टर तक फैला है।
निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो: टोल मैनेजमेंट और मैनपावर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने से जोखिम कम होता है।
- मजबूत नेटवर्क: देशभर में उपस्थिति और सरकारी प्रोजेक्ट्स (NHAI) के साथ जुड़ाव।
- फ्यूचर टेक: ड्रोन ट्रेनिंग (Remote Pilot Training) जैसे भविष्य के व्यवसायों में एंट्री।
- ग्रोथ पोटेंशियल: फ्रेश इश्यू से आने वाली पूंजी कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों की राय: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इनोविजन का बिज़नेस मॉडल ‘सर्विस ओरिएंटेड’ है, जिसकी मांग भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में हमेशा बनी रहेगी। हालांकि, निवेशकों को अंतिम निर्णय लेने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
