कुख्यात आतंकी हाफिज सईद को 'अज्ञात' ने खिलाया जहर, हालत गंभीर - NewsKranti

कुख्यात आतंकी हाफिज सईद को ‘अज्ञात’ ने खिलाया जहर, हालत गंभीर

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पाकिस्तान में छिपे बैठक आतंकी हाफिज सईद को जहर दिए जाने की बात सामने आ रही है। उसे अज्ञात लोगों ने खाने में जहर दे दिया। खाने के कुछ देर बाद उसे खून की उल्टी हुई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर हाफिज सईद ट्रेंड कर रहा है। हालांकि अभी तक इस खबर की अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

घर में घुसकर मारेंगे…

हाफिज सईद को जहर दिए जाने की खबर ऐसे मौके पर आई है, जब ब्रिटिश अखबार ने पाकिस्तान में करीब 20 आतंकियों की टारगेट किलिंग में भारत का हाथ होने का दावा किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि अब भारत वह देश नहीं जो अपने दुश्मनों को बिरयानी खिलाए। हम भारत घर में घुसकर मारता है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान भी पाकिस्तान में सुर्खियों में है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत का दुश्मन यदि पाकिस्तान की तरफ भागेगा तो हम घुसकर मारेंगे।

हाफिज सईद मतलब आतंक का मास्टरमाइंड

हाफिज सईद 12 फरवरी 2020 से 78 साल की सजा काट रहा है। उसे अब तक टेरर फंडिंग के सात मामलों में पाकिस्तानी अदालतों से दोषी साबित किया गया है। भारत की जांच एजेंसियां भी उसे कई मामलों में तलाश रही हैं। हाफिज सईद को दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति ने वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था।

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हाफिज सईद मूलत: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। उस पर 1980 और 1990 के दशक में कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। वह पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का नेतृत्व करता है। इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और रूस द्वारा एक आतंकवादी समूह के रूप में नामित किया गया है।

मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है हाफिज सईद

हाफिज सईद एनआईए मोस्ट वांटेड में लिस्ट में। 2008 के मुंबई हमलों का उसे मास्टमाइंड कहा जाता है। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। अप्रैल 2012 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने मुंबई हमलों में भूमिका के लिए सईद पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा था। भारत ने पाकिस्तान से उसे सौंपने की मांग की थी, हालांकि दोनों देशों के बीच कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं है।

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