कानपुर में बड़ा खुलासा: 12 राज्यों में 200 रोहिंग्या बसा चुका है इब्राहिम, मजदूरी के नाम पर फैलाया नेटवर्क - NewsKranti

कानपुर में बड़ा खुलासा: 12 राज्यों में 200 रोहिंग्या बसा चुका है इब्राहिम, मजदूरी के नाम पर फैलाया नेटवर्क

पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से पकड़े गए संदिग्ध मो. इब्राहिम ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह म्यांमार से रोहिंग्या को लाकर जम्मू, दिल्ली, पंजाब और यूपी समेत 12 राज्यों में अवैध रूप से शिफ्ट कर चुका है। अब देशव्यापी स्तर पर उनकी तलाश शुरू हो गई है। कानपुर से म्यांमार तक जुड़ा नेटवर्क: ईंट-भट्ठों और फैक्ट्रियों में अवैध 'सप्लाई'

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कानपुर नगर। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आरपीएफ द्वारा पकड़े गए म्यांमार मूल के मो. इब्राहिम ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पूछताछ में सामने आया है कि इब्राहिम पिछले एक साल के भीतर उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में करीब 200 रोहिंग्या युवक-युवतियों को अवैध रूप से बसा चुका है। यह गिरोह असम के रास्ते घुसपैठ कराकर उन्हें अलग-अलग राज्यों के ईंट-भट्ठों और कारखानों में मजदूरी पर लगवाता था और प्रबंधन से मोटा कमीशन वसूलता था।

12 राज्यों का दौरा और जम्मू में बनाया ‘सेफ हाउस’

जांच में पता चला है कि वर्ष 2024 में भारत में प्रवेश करने के बाद इब्राहिम ने पश्चिम बंगाल, बिहार, यूपी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, झारखंड और मध्य प्रदेश का जाल बिछाया। उसने जम्मू के नरवाल शरणार्थी कैंप को अपना मुख्य केंद्र बनाया, जहाँ से वह पूरे देश में रोहिंग्या की शिफ्टिंग का खेल संचालित करता था।

ट्रैकिंग से बचने के लिए ‘लो-टेक’ रणनीति

इब्राहिम और उसके साथियों (हासिम और शौकतारा) के पास से कोई स्मार्टफोन बरामद नहीं हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पकड़े जाने के डर से वे केवल कीपैड वाले मोबाइल का उपयोग करते थे। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एएसएन पाटीदार ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन को जीआरपी थाने में दर्ज मामले के बाद सील कर दिया गया है और उनकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।

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मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • आरोपी: म्यांमार निवासी मो. इब्राहिम (बिना वीजा-पासपोर्ट)।
  • बड़ा खुलासा: एक साल में 200 रोहिंग्या की अवैध एंट्री और सेटलमेंट।
  • प्रभावित क्षेत्र: यूपी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर समेत 12 राज्य।
  • मोडस ऑपरेंडी: असम बॉर्डर से घुसपैठ, मजदूरी के बहाने कमीशनखोरी।
  • सुरक्षा उपाय: पूर्वोत्तर जाने वाली सभी ट्रेनों में सघन तलाशी अभियान।

ट्रेनों में हाई अलर्ट: राजधानी समेत कई रूटों पर कड़ी निगरानी

इस खुलासे के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कानपुर से होकर गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं:

  • डिब्रूगढ़ राजधानी, एनई एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र और अवध असम जैसी ट्रेनों में अलर्ट जारी।
  • यूपी सीमा में प्रवेश करते ही सीसीटीवी और क्यूआरटी (Quick Response Team) से मॉनिटरिंग।
  • किसी भी छोटी सूचना या हेल्पलाइन कॉल पर तत्काल एक्शन लेने के आदेश।

जांच एजेंसियों की रडार पर 200 रोहिंग्या

आरपीएफ कानपुर पोस्ट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट आईजी को भेज दी है। अब केंद्र और राज्य की विभिन्न जांच एजेंसियां उन 12 राज्यों में फैले 200 रोहिंग्या की तलाश में जुट गई हैं, जिन्हें इब्राहिम ने अलग-अलग पहचान के साथ फैक्ट्रियों और भट्ठों पर काम दिलवाया था।

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