कानपुर नगर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक आम नागरिक और अभिभावक जागरूक नहीं होंगे, तब तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव नहीं होगा। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें। प्रशासन की ओर से इस वर्ष अब तक 12 ऐसे मामलों में चालान किए जा चुके हैं, जिनमें नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए।
गंगा बैराज पर स्टंट करने वालों पर चलेगा विशेष अभियान
बैठक में गंगा बैराज क्षेत्र का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। डीएम ने पुलिस और यातायात विभाग को निर्देश दिए कि गंगा बैराज पर बाइक स्टंट करने वाले युवाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्टंटबाजी न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ती है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
सड़क हादसों में ‘गोल्डन ऑवर’ पर रहेगा विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पांच मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हाईवे और प्रमुख मार्गों के पास स्थित सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने कहा कि बड़ी सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जनपद स्तर पर विशेष मेडिकल एक्शन प्लान तैयार किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे रोड सेफ्टी क्लब
बैठक में युवाओं और छात्रों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब बनाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बचपन से ही विकसित करनी होगी। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा डेढ़ लाख तक मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना के तहत जनपद के नौ अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, जहां सड़क दुर्घटना में घायल लोगों का डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त इलाज किया जा सकता है। इनमें वेदांता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशिर्य हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर, रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर समेत अन्य अस्पताल शामिल हैं।
राहवीर योजना के तहत मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम
जिलाधिकारी ने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाना उसकी जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में जो भी नागरिक घायल व्यक्ति की मदद कर अस्पताल पहुंचाएगा, उसे सरकार की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही पुलिस द्वारा उस व्यक्ति से अनावश्यक पूछताछ भी नहीं की जाएगी।
अप्रैल 2026 में हजारों ट्रैफिक चालान
बैठक में अप्रैल 2026 के ट्रैफिक प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा भी की गई। यातायात पुलिस द्वारा बिना हेल्मेट वाहन चलाने पर 24,885 चालान किए गए। वहीं बिना सीट बेल्ट के 572, रेड लाइट जंप करने के 493, शराब पीकर वाहन चलाने के 90 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने के 175 मामलों में कार्रवाई की गई।
इसके अलावा परिवहन विभाग ने 38 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए, जिनमें ओवरलोडिंग, मोबाइल फोन का उपयोग और शराब पीकर वाहन चलाने के मामले शामिल हैं।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अखंडेश्वर, एआरटीओ आलोक कुमार सिंह, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
