कानपुर: युवती ने लगाया झूठे मुकदमे और पुलिस प्रताड़ना का आरोप, परिवार

कानपुर: दबंग से मिलीभगत कर परिवार पर दर्ज कराया झूठा मुकदमा? युवती ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार

कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उसके साथ हुई घटना के मामले में कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने दबंग पक्ष के दबाव में उसके और उसके परिवार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया। युवती ने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।

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ख़बर एक नज़र में :
  • पनकी निवासी युवती ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार।
  • पहले दर्ज मुकदमे के बाद पलटवार में झूठा केस दर्ज कराने का आरोप।
  • पनकी पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप।
  • परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने का दावा।
  • CCTV फुटेज जांच के लिए सौंपने का दावा।

कानपुर। शहर के पनकी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। युवती का आरोप है कि क्षेत्र के एक दबंग व्यक्ति ने पुलिस से मिलीभगत कर उसके और उसके परिवार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि पहले उसी के खिलाफ उसने मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पहले युवती ने दर्ज कराया था मुकदमा

शिकायतकर्ता खुशबू के अनुसार, पनकी पड़ाव क्षेत्र में उसके साथ हुई एक घटना के संबंध में उसने पनकी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का कहना है कि इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 353/2026 दर्ज हुआ था, जिसमें शिवम उर्फ निर्मल गौतम को आरोपी बनाया गया था।

पीड़िता का आरोप है कि इस मुकदमे के बाद आरोपी ने अपने बचाव के लिए एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की और अपनी पत्नी के गर्भपात एवं मारपीट का आरोप लगाते हुए उसके और उसके परिवार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया।

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पुलिस पर पक्षपात का आरोप

युवती का कहना है कि पनकी थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय उसके और उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। आरोप है कि उसे थाने बुलाकर डराया-धमकाया गया और बयान भी दर्ज कराया गया, लेकिन आज तक उसका बयान न्यायालय में दर्ज नहीं कराया गया।

पीड़िता का कहना है कि उसके द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता का कहना है कि उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।

CCTV फुटेज सौंपने का दावा

युवती ने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद है। उसने जांच के लिए घटना की CCTV फुटेज पेन ड्राइव में बंद लिफाफे के साथ उपलब्ध कराई है और मांग की है कि इसे जांच का हिस्सा बनाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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