कानपुर। शहर में अपराध की एक और गंभीर शिकायत सामने आई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की तबीयत खराब होने पर दवा लेकर लौट रहे युवक के साथ कुछ दबंगों ने न केवल मारपीट की बल्कि उसके साथ गंभीर अपराध करते हुए नकदी भी छीन ली। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले में उचित धाराओं में कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को जल्द ही छोड़ दिया।
बहन की दवा लेकर लौट रहा था युवक
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 2 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे राहुल अपनी बड़ी बहन की तबीयत खराब होने पर हैलट अस्पताल से दवा लेकर घर लौट रहा था। जैसे ही वह सरिया मंडी की ओर मुड़ा, तभी कुछ युवकों ने कथित रूप से उसका रास्ता रोक लिया।
ऑटो से रास्ता रोककर मारपीट करने का आरोप
परिवार के अनुसार, आरोपियों में शिवांशू, कृष्ण उर्फ पल्ह, रंजीत, आर्यन, संजय (निवासी 6 नंबर मोहल्ला) तथा चिराग (गड़रियनपुरवा निवासी) शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि चिराग ने अपना ऑटो युवक की स्कूटी के सामने खड़ा कर दिया, जिसके बाद सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि युवक को जबरन ऑटो में बैठाया गया और उसकी जेब में रखे 630 रुपये भी छीन लिए गए।
गंभीर उत्पीड़न के आरोप
शिकायत में युवक के साथ गंभीर शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने युवक को लगातार प्रताड़ित किया, उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसे धमकी दी कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है तथा पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
रील बनाने और धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया। इसके बाद युवक को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। किसी तरह वह सुबह अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
परिवार का कहना है कि घटना की सूचना नजीराबाद थाने में दी गई, लेकिन पुलिस ने केवल सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि नामजद आरोपियों को उसी शाम छोड़ दिया गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवक का मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया, जबकि उसके साथ गंभीर अपराध हुआ था।
परिवार ने जताई जान का खतरा
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी जमानत या रिहाई के बाद लगातार उनके घर के आसपास घूम रहे हैं और धमका रहे हैं। परिवार ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।
उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले में निष्पक्ष जांच, उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
