कानपुर नगर (बिठूर): उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। बिठूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कदम एक नवजात शिशु की वार्मर मशीन से झुलसकर हुई मौत के बाद उठाया गया है। जिलाधिकारी जिेंद्र प्रताप सिंह के कड़े रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के अवैध एनआईसीयू (NICU) को सील कर दिया है और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वार्मर बना ‘काल’: मासूम की मौत से मचा कोहराम
पीड़ित परिवार का आरोप है कि नर्सिंग होम के एनआईसीयू में रखे गए नवजात की देखभाल में घोर लापरवाही बरती गई। वार्मर मशीन का तापमान इतना अधिक हो गया कि मासूम का शरीर झुलस गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जांच में मिलीं चौंकाने वाली खामियां: बिना अनुमति चल रहा था एनआईसीयू
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी की जांच रिपोर्ट ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- अवैध संचालन: अस्पताल के पास एनआईसीयू चलाने की कोई वैध अनुमति नहीं थी।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी: अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि काफी समय पहले समाप्त हो चुकी थी।
- उपकरणों की स्थिति: जीवन रक्षक उपकरणों का कोई सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया गया था, जिससे मासूमों की जान को खतरा बना हुआ था।
डॉक्टरों पर मुकदमा और गिरफ्तारी की तलवार
परिजनों की तहरीर पर बिठूर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। निरीक्षण के समय मौके पर डॉ. तपो ज्योति आचार्य, स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी, तनू गौतम और वार्ड बॉय अजय मौजूद पाए गए, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
DM का अल्टीमेटम: अब पूरे जिले में होगा ‘सेफ्टी ऑडिट’
जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि:
- जनपद के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में मशीनों का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
- बिना लाइसेंस या बिना एनआईसीयू अनुमति के चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
- आदेश की अवहेलना करने वाले नर्सिंग होम मालिकों पर एनएसए (NSA) जैसी कठोर कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
