उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर एक बार फिर गाजियाबाद की धरती पर देखने को मिला है। गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए बेहद संवेदनशील और खौफनाक ‘सूर्या चौहान हत्याकांड’ के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक भीषण मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के अनुसार, ₹50,000 का इनामी अपराधी असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर भागने की फिराक में था, तभी पुलिस टीमों ने उसे घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
क्या था पूरा मामला? खोड़ा में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात
यह सनसनीखेज मामला गाजियाबाद के नवनीत विहार कॉलोनी (खोड़ा) का है। बीते 28 मई को 11वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच और मृतक के दोस्तों के बयानों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक मामूली बात से हुई थी, लेकिन बाद में इसने सांप्रदायिक और हिंसक मोड़ ले लिया। आरोप है कि असद ने सूर्या को उकसाते हुए पूछा था कि “क्या तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है?” जब सूर्या ने मना किया और वहां से जाने लगा, तो असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या के पेट में चाकू से ताबड़तोड़ 4 वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने नोएडा के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस उपायुक्त (DCP सिटी) धवल जायसवाल ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि सूर्या मर्डर केस का मुख्य आरोपी असद शहर छोड़ने की योजना बना रहा है। वह खोड़ा इलाके में अपने किसी दोस्त से फरारी काटने के लिए पैसे लेने आने वाला था। सूचना मिलते ही खोड़ा और इंदिरापुरम थाने की संयुक्त स्वात (SWAT) टीम ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी और सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।
इसी दौरान पुलिस को एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो मोटरसाइकिल चला रहे असद ने बाइक रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर सीधे जान लेने की नीयत से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली, अस्पताल में तोड़ा दम
बदमाशों की तरफ से हुई फायरिंग में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी असद को गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने असद और घायल कांस्टेबल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने असद की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और एक अवैध देसी तमंचा (कंट्री-मेड पिस्टल) बरामद किया है।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया: “सभी आरोपियों का हो एनकाउंटर, चले बुलडोजर”
असद के एनकाउंटर की खबर मिलते ही मृत छात्र सूर्या चौहान की मां सरोज की भावुक प्रतिक्रिया सामने आई है। रोते हुए मां ने कहा, “मेरे जिगर के टुकड़े को इन लोगों ने बेरहमी से मार डाला। मैंने अभी सिर्फ एक आरोपी के मारे जाने की खबर सुनी है, लेकिन मैं असद की लाश की तस्वीर देखना चाहती हूं ताकि मुझे तसल्ली मिले।” उन्होंने आगे मांग की कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य सभी 7 आरोपियों का भी इसी तरह एनकाउंटर होना चाहिए और उनके घरों पर प्रशासन का बुलडोजर चलना चाहिए।
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बसपा प्रमुख मायावती ने भी दुख जताया था और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल 5 नामजद आरोपियों में से 3 को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में मारा गया है। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
