कानपुर मेट्रो का धमाका: सेंट्रल से नौबस्ता तक 80KM की रफ़्तार से दौड़ी ट्रेन,

कानपुर मेट्रो ने भरी ‘हाई-स्पीड’ उड़ान: 80 की रफ़्तार से नौबस्ता तक दौड़ी ट्रेन

कानपुर मेट्रो ने रचा इतिहास! 9-10 मई की रात सेंट्रल से नौबस्ता के बीच 80 की स्पीड पर हुआ सफल ट्रायल। जल्द खुलेंगे 7 नए स्टेशन।

admin
By
admin
3 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • दूरी: 8 किमी का नया सेक्शन (सेंट्रल से नौबस्ता)।
  • कुल लंबाई: कॉरिडोर-1 अब 24 किमी (IIT से नौबस्ता) का हो जाएगा।
  • स्पीड: 80 किमी/घंटा का सफल ट्रायल।
  • स्टेशन: 2 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड स्टेशन तैयार।
  • अगला लक्ष्य: कॉरिडोर-2 (CSA से बर्रा-8) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी।

कानपुर | 10 मई, 2026 कानपुरवासियों के लिए परिवहन के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा। कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता) के अंतिम चरण का काम अपनी मंज़िल के बेहद करीब पहुँच गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि (9-10 मई) को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो का सफल ‘हाई स्पीड ट्रायल’ पूरा कर लिया है।

एटीपी मोड पर 80 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार

मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को ‘अप-लाइन’ और ‘डाउनलाइन’ दोनों पर 80 किमी प्रति घंटा की अधिकतम निर्धारित गति से चलाकर परखा गया। यह टेस्टिंग ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) मोड पर की गई, जो सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण तकनीक मानी जाती है। ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्टेबिलिटी, ट्रैक की मजबूती और सिग्नलिंग सिस्टम के तालमेल का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

स्पीड ब्रेक टेस्ट और सुरक्षा मानक

इस दौरान केवल रफ़्तार ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए ‘स्पीड ब्रेक टेस्ट’ भी किया गया। इसमें अधिकतम गति पर अचानक ब्रेक लगाकर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची गई। सिग्नलिंग विभाग के अपर महाप्रबंधक श्री दीपक पांडेय और उनकी विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

- Advertisement -

इन 7 नए स्टेशनों से चमकेगी शहर की रफ़्तार

कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच इस 8 किलोमीटर के हिस्से के चालू होते ही कॉरिडोर-1 पूरी तरह संचालित हो जाएगा। इस रूट पर यात्रियों को कुल 7 नए स्टेशनों की सुविधा मिलेगी:

  1. झकरकटी (अंडरग्राउंड)
  2. ट्रांसपोर्ट नगर (अंडरग्राउंड)
  3. बारादेवी (एलिवेटेड)
  4. किदवई नगर (एलिवेटेड)
  5. वसंत विहार (एलिवेटेड)
  6. बौद्ध नगर (एलिवेटेड)
  7. नौबस्ता (एलिवेटेड)

विदेशी एजेंसी कर रही है सुरक्षा की जांच

UPMRC के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने बताया कि सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए एक स्वतंत्र विदेशी एजेंसी (Independent Safety Assessment) को नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी दो ट्रेनों के बीच की दूरी (Seperation), सिग्नलिंग इंस्टालेशन और ट्रैक सेफ्टी के वैश्विक मानकों की जांच कर रही है। जल्द ही सीएमआरएस (CMRS) टीम के निरीक्षण के बाद इस रूट को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

Share This Article