तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़े विवादित ‘सीएमआरएल-एक्सालॉजिक’ (CMRL-Exalogic) वित्तीय लेनदेन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य में एक बड़ा राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब केरल के राजस्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एपी अनिल कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने का एक बेहद संगीन और तीखा आरोप लगाया।
दरअसल, बुधवार को जब ईडी (ED) की टीम ने विजयन के परिसर में अपना व्यापक तलाशी अभियान पूरा किया, तो उसके तुरंत बाद बाहर आते ही पिनाराई विजयन ने मीडिया के सामने एक विवादास्पद टिप्पणी की थी। विजयन ने तंज कसते हुए कहा था, “अब राहुल गांधी खुश होंगे।” उनका इशारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व में उठाए गए उन सवालों की तरफ था, जिसमें वे बार-बार पूछते रहे थे कि इस कथित वित्तीय घोटाले में पिनाराई विजयन के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियां अब तक निष्क्रिय क्यों हैं।
“मोदी के खिलाफ एक शब्द भी क्यों नहीं बोल रहे विजयन?” — अनिल कुमार
पिनाराई विजयन के इस बयान पर गुरुवार को केरल के राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार ने कड़ा ऐतराज जताया और पलटवार करते हुए इसे विजयन का डर करार दिया। अनिल कुमार ने प्रेस से बात करते हुए सवाल उठाया कि जब केंद्रीय एजेंसियां विजयन और उनके पूरे परिवार के खिलाफ सीधे तौर पर रेड कर रही थीं, तब भी विजयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ पूरी तरह से मौन क्यों रहे?
अनिल कुमार ने हमलावर रुख अपनाते हुए कहा, “पिनाराई विजयन राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक शब्द भी बोलने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं? उन्होंने हमेशा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति एक अजीब तरह का डर दिखाया है, और कल यह डर पूरी दुनिया के सामने एक बार फिर साफ दिखाई दे गया। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने लगभग एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान भी विजयन ने केरल में हमेशा विपक्षी पार्टियों (यूडीएफ) को ही निशाना बनाया, लेकिन पीएम मोदी का सीधे तौर पर सामना करने से वे हमेशा बचते रहे।”
ईडी की टीम पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक का आरोप
यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब जमीन पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है। आरोप है कि जैसे ही ईडी के अधिकारी और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान विजयन के आवास से तलाशी पूरी कर बाहर निकल रहे थे, तभी वहां मौजूद सीपीआई(एम) के उग्र कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय अधिकारियों और सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
इस सुरक्षा चूक को बेहद गंभीरता से लेते हुए राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) रवाडा चंद्रशेखर ने गुरुवार को राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में आपातकालीन बैठक की। बैठक में यह समीक्षा की गई कि 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद यह हमला कैसे हुआ।
डीजीपी ने बैठक के बाद स्पष्ट रूप से कहा, “सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से यदि कोई भी लापरवाही या चूक पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हिंसा के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वीडियो फुटेज के आधार पर बाकी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।”
बदलते समीकरणों के बीच मुख्यमंत्री सतीशन की रहस्यमयी चुप्पी
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ कांग्रेस के मंत्री एपी अनिल कुमार पूर्व सीएम विजयन पर फ्रंट फुट पर आकर हमला कर रहे हैं, वहीं केरल के मौजूदा मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (जो इस समय कोझिकोड के दौरे पर हैं) ने इस पूरे मामले से दूरी बना रखी है। मीडिया द्वारा बार-बार पूछे जाने के बावजूद सतीशन ने ईडी की इस छापेमारी और उसके बाद भड़की हिंसा पर चुप्पी साध रखी है, जिससे केरल कांग्रेस और सरकार के भीतर भी अलग-अलग रणनीतियों को लेकर चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
