चिराग त्यागी हत्याकांड: गाजियाबाद में नेशनल पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की

बेंगलुरु से गोल्ड मेडल जीतकर लौटे नेशनल पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, साई उपवन में मिला शव

बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले देश के होनहार पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की गाजियाबाद के साई उपवन में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। पुलिस और फोरेंसिक टीमें मामले की जांच कर रही हैं।

admin
By
admin
5 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • विजेता की मौत: चिराग त्यागी हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में 400 मीटर रेस में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर लौटे थे।
  • इकलौता बेटा: चिराग मुरादनगर के बसंतपुर सैंथली निवासी किसान मनोज त्यागी के इकलौते बेटे थे। वे आंखों की आंशिक कमजोरी (Visual Impairment) के बावजूद देश का नाम रोशन कर रहे थे।
  • पीठ पर छेद का निशान: प्रारंभिक जांच में चिराग की पीठ पर एक गहरा छेद मिला है। मौत गोली लगने से हुई या किसी पैनी चीज से, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद स्तब्ध और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव हासिल करने वाले राष्ट्रीय पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की गाजियाबाद में बेरहमी से हत्या कर दी गई है। शनिवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘साई उपवन’ के सुनसान इलाके से पुलिस ने चिराग का शव बरामद किया। चिराग अभी दो दिन पहले ही बेंगलुरु में आयोजित खेल प्रतियोगिता में देश के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर लौटे थे। इस होनहार खिलाड़ी की अचानक मौत से खेल जगत स्तब्ध है और मुरादनगर में उनके पैतृक गांव में कोहराम मचा हुआ है।

दिल्ली हॉस्टल से गांव लौटते समय घटी वारदात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरादनगर क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर सैंथली निवासी किसान मनोज त्यागी के 24 वर्षीय बेटे चिराग त्यागी एक उभरते हुए पैरा-एथलीट थे। चिराग को आंखों से देखने में आंशिक समस्या थी, लेकिन उनकी इस शारीरिक कमजोरी को उन्होंने कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। वे दिल्ली के एक हॉस्टल में रहकर अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहे थे।

शनिवार की सुबह करीब 8 बजे चिराग ने सिहानी में रहने वाले अपने ममेरे भाई आशीष त्यागी को फोन कर बताया था कि वह बेंगलुरु से दिल्ली लौट आए हैं और अब बस पकड़कर सीधे गांव आ रहे हैं। इस बातचीत के कुछ ही घंटों बाद उनका फोन बंद हो गया और दोपहर बाद उनका शव साई उपवन की झाड़ियों में पाया गया।

- Advertisement -

पीठ पर मिला गहरा छेद, पुलिस को हत्या की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और उच्च अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में पुलिस को चिराग के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। कोतवाली के एसएचओ सचिन कुमार ने बताया कि चिराग की पीठ पर एक गहरा छेद पाया गया है। पुलिस को आशंका है कि चिराग को पीठ में गोली मारी गई है या फिर किसी नुकीले और भारी हथियार से उन पर वार किया गया है। मौत की असली वजह और प्रकृति का सटीक पता लगाने के लिए शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं।

दो दिन पहले ही देश के लिए जीता था गोल्ड मेडल

चिराग त्यागी खेल की दुनिया का एक चमकता हुआ सितारा थे। उन्होंने देश और उत्तर प्रदेश का नाम कई राष्ट्रीय मंचों पर ऊंचा किया था। अभी हाल ही में 26-27 मई को बेंगलुरु में आयोजित ‘8वीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026’ में चिराग ने 400 मीटर की दौड़ में अपनी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता था। स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका पूरा परिवार उनकी घर वापसी का इंतजार कर रहा था ताकि उनका स्वागत किया जा सके, लेकिन घर पर उनकी जीत के जश्न की जगह उनकी मौत की चीखें गूंज उठीं।

किसान पिता का इकलौता सहारा थे चिराग

चिराग अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। किसान मनोज त्यागी ने अपनी तंगहाली के बावजूद चिराग के खेल में कोई कमी नहीं आने दी। बेटे की इस तरह अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या ने बूढ़े माता-पिता की रीढ़ तोड़ दी है। गांव के लोगों का कहना है कि चिराग बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के थे, उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में दिल्ली से गांव के रास्ते के बीच उनकी हत्या किसने और क्यों की, यह एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। पुलिस आपसी रंजिश, लूटपाट और अन्य सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है।

Share This Article