साइबर सुरक्षा के लिए आईआईटी कानपुर और भारतीय सेना ने मिलाया हाथ
कानपुर। देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, C3iHub, आईआईटी कानपुर ने मुख्यालय सेंट्रल कमांड, भारतीय सेना के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत सेना की यूनिट्स और फॉर्मेशन्स के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण C3iHub द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो आईआईटी कानपुर का प्रमुख साइबर सुरक्षा अनुसंधान और नवाचार केंद्र है। इस कार्यक्रम में दो तीन-महीने के विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं। इसका उद्देश्य सेना के जवानों में आधुनिक साइबर खतरों की समझ को बढ़ाना, साइबर हमलों से निपटने की क्षमता विकसित करना और डिजिटल क्षेत्र में संचालन संबंधी तैयारी को और मजबूत बनाना है।
इस सहयोग के माध्यम से साइबर सुरक्षा तकनीकों को सेना के औपचारिक प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा, जिससे सेंट्रल कमांड के पूरे क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय सूर्य कमांड, और प्रो. सोमित्र सनाध्या, प्रोग्राम डायरेक्टर, C3iHub, उपस्थित रहे। दस्तावेज पर डॉ. तनीमा हाजरा, सीईओ, C3iHub ने संस्थान की ओर से हस्ताक्षर किए।
प्रो. सोमित्र सनाध्या ने इस अवसर पर कहा कि यह सहयोग C3iHub के मिशन को मजबूत करता है, जिसके तहत उन्नत साइबर शोध को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कौशलों में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेना को डिजिटल युद्ध के क्षेत्र में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और प्रशिक्षण प्रदान करना हमारे लिए गर्व की बात है।
यह साझेदारी डिजिटल रक्षा को नई दिशा प्रदान करती है और यह दर्शाती है कि भारतीय सेना आधुनिक सूचना युद्ध के दौर में हमेशा एक कदम आगे रहने के लिए प्रतिबद्ध है।