UP Politics: कानपुर में CM योगी और RSS का महामंथन; मिशन 2027 के

मिशन 2027 की तैयारी: कानपुर में CM योगी और संघ का सघन मंथन, ‘ग्राउंड जीरो’ से तैयार होगा नया ब्लूप्रिंट

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने आरएसएस और भाजपा के साथ समन्वय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और आगामी चुनाव की रणनीति रहा।

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कानपुर | उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी चुनावी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को औद्योगिक नगरी कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में आयोजित RSS-BJP समन्वय बैठक में हिस्सा लिया।

करीब ढाई घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने संघ के पदाधिकारियों और भाजपा के क्षेत्रीय नेताओं के साथ सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की।

सरकार और संगठन के बीच ‘सेतु’ बनाने पर जोर

बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच किसी भी तरह के संवादहीनता (Communication Gap) को खत्म करना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए और उनका त्वरित समाधान कराना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, और इसकी जिम्मेदारी संगठन के हर सदस्य की है।”

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2024 के सबक और 2027 का लक्ष्य

सूत्रों के अनुसार, बैठक में पिछले लोकसभा चुनाव के परिणामों और जमीनी स्तर पर मिले फीडबैक पर भी चर्चा हुई। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाना शामिल है। आगामी विधानसभा चुनावों (UP Elections 2027) को देखते हुए कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की हर सीट पर विशेष रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी है।

मंथन के मुख्य बिंदु:

  1. जमीनी फीडबैक: संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा जनता के बीच से जुटाए गए मुद्दों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा गया।
  2. शताब्दी वर्ष कार्यक्रम: संघ द्वारा अपने शताब्दी वर्ष को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रमों में सरकार और संगठन की सहभागिता पर चर्चा।
  3. कल्याणकारी योजनाएं: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए ‘वॉलंटियर’ नेटवर्क को मजबूत करना।
  4. समन्वय: सरकार के मंत्रियों और स्थानीय विधायकों का कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद सुनिश्चित करना।

प्रशासनिक सतर्कता और चाक-चौबंद सुरक्षा

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कानपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सीएसए (CSA) हेलीपैड पर लैंडिंग के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री बैठक स्थल पहुंचे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

सियासी मायने: क्यों अहम है यह बैठक?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संघ और भाजपा के बीच यह समन्वय बैठकें इस बात का संकेत हैं कि पार्टी अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चाहती। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है, और यहां मुख्यमंत्री की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करेगी।

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