उरई (जालौन)। पत्नी के लापता होने से परेशान एक मजदूर आखिरकार न्याय की गुहार लेकर अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया। पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया। पीड़ित का कहना है कि पत्नी को लापता हुए तीन माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस उसे तलाशने में कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। मां के इंतजार में तीनों मासूम बच्चों की हालत देखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
उरई कोतवाली क्षेत्र के रहिया गांव निवासी ऋषि राज ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसकी 32 वर्षीय पत्नी अनीता उर्फ ममता बीती 11 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। घटना के बाद उसने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन कहीं भी पत्नी का कोई पता नहीं चल सका।
पीड़ित के अनुसार, घटना की जानकारी उसने तत्काल उरई कोतवाली पुलिस को दी थी। इसके बाद भी वह लगातार थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस पत्नी का पता लगाने में सफल नहीं हो सकी। उसका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया गया, जबकि मामले में गंभीरता से जांच नहीं की गई।
ऋषि राज ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का आटा क्षेत्र निवासी अभिषेक नामक युवक से संपर्क था। इस संबंध में उसने पुलिस को जानकारी भी दी थी और जांच की मांग की थी, लेकिन उसके अनुसार इस दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पत्नी के लापता होने के बाद परिवार पूरी तरह संकट में आ गया है। तीनों छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां के बिना बेसहारा महसूस कर रहे हैं। ऋषि राज को एक ओर मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी भी अकेले निभानी पड़ रही है। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के बीच उसने जिलाधिकारी से पत्नी की सकुशल बरामदगी, मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित से बातचीत कर उसकी शिकायत सुनी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि पीड़ित का कहना है कि जब तक उसकी पत्नी की बरामदगी के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उसे केवल आश्वासनों से संतोष नहीं मिलेगा।
मां की तलाश में तीन मासूम, पत्नी की बरामदगी को लेकर बच्चों संग डीएम दफ्तर पर धरने पर बैठा मजदूर
